ईरान-इजराइल जंग का असर: पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल संकट गहराया, 3 दिन से तेल सप्लाई बंद; सोमवार से पेट्रोल पंप बंद होने की चेतावनी

इस्लामाबाद। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर अब दुनिया के कई देशों पर दिखाई देने लगा है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने के कारण तेल की सप्लाई प्रभावित हो गई है। इसका सबसे ज्यादा असर पाकिस्तान पर पड़ रहा है, जहां पेट्रोल और डीजल का गंभीर संकट पैदा हो गया है।
पाकिस्तान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (PPDA) के मुताबिक, पिछले तीन दिनों से देश में तेल की सप्लाई नहीं पहुंची है। सरकार का दावा है कि देश में 20-25 दिनों का स्टॉक मौजूद है, लेकिन डीलर्स का कहना है कि जमीनी स्तर पर हालात बेहद खराब हैं और कई पेट्रोल पंपों पर स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है। यदि जल्द सप्लाई बहाल नहीं हुई तो सोमवार से कई पेट्रोल पंप बंद होने लगेंगे।
एसोसिएशन के केंद्रीय महासचिव चौधरी इरफान इलाही ने बताया कि डीजल की सप्लाई घटकर करीब 20 प्रतिशत रह गई है, जबकि पेट्रोल की आपूर्ति भी काफी कम हो गई है। सप्लाई कम होने के कारण ईंधन की कीमतों में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। डीजल की कीमत लगभग 17 पाकिस्तानी रुपये और पेट्रोल की कीमत करीब 35 रुपये तक बढ़ गई है।
डीलर्स का आरोप है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने सप्लाई कम कर दी है और कोटा सिस्टम लागू कर दिया है, जिससे संकट और गहरा गया है। इसी बीच ऑल पाकिस्तान पेट्रोल पंप ओनर्स एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पत्र लिखकर तेल की कमी को लेकर चिंता जताई है।
जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान हर महीने करीब 10 लाख बैरल तेल आयात करता है। इसमें सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात उसके प्रमुख सप्लायर हैं। हालांकि ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) का कहना है कि देश के पास लगभग 28 दिनों की जरूरत पूरी करने लायक तेल का भंडार मौजूद है।
लेकिन अगर खाड़ी क्षेत्र में तनाव जारी रहता है और तेल की सप्लाई जल्द बहाल नहीं होती, तो आने वाले दिनों में पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।




