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सुकमा में शिक्षा और सशक्तिकरण की नई रोशनी: शाला प्रवेश उत्सव और चरण पादुका वितरण में शामिल हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कहा – “अब वक्त आ गया है कि विकास की रोशनी हर गांव तक पहुंचे”

सुकमा में शिक्षा और सशक्तिकरण की नई रोशनी: शाला प्रवेश उत्सव और चरण पादुका वितरण में शामिल हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कहा – “अब वक्त आ गया है कि विकास की रोशनी हर गांव तक पहुंचे”

सुकमा, 4 जुलाई 2025। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने आज सुकमा जिला मुख्यालय में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव और चरण पादुका वितरण कार्यक्रम में सहभागिता कर क्षेत्र के विकास और शिक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने स्कूली बच्चों, अभिभावकों और तेंदूपत्ता संग्रहकों से आत्मीय संवाद करते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और जागरूकता को बस्तर के विकास का मूल मंत्र बताया।

कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को बैग, गणवेश और पुस्तकें भेंट कीं, बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया और तेंदूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका वितरित की। बच्चों को प्रतीकात्मक रूप से मुकुट पहनाकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। उन्होंने कहा, “ये प्रतीक मात्र नहीं, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत हैं।”

नक्सल हिंसा के बीच शिक्षा की अलख

शर्मा ने कहा कि बस्तर जैसे अंचल में शिक्षा व्यवस्था को पुनर्स्थापित करना एक आंदोलन की तरह है। कई स्कूलों को नक्सली हिंसा के चलते क्षतिग्रस्त किया गया, लेकिन सरकार की मंशा है कि हर गांव तक संविधान की पूर्ण स्थापना हो। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं।

“अगर गांव में शिक्षा होगी, तो अशिक्षा नहीं रहेगी। अगर स्वास्थ्य होगा, तो कुपोषण नहीं रहेगा। अगर भयमुक्त वातावरण होगा, तो कोई लाल आतंक नहीं रहेगा।” — विजय शर्मा

मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता का उल्लेख

उपमुख्यमंत्री ने हाल ही में एक हादसे में शहीद हुए पुलिस अधिकारी के परिवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा दिए गए संबल का भी उल्लेख किया और कहा कि “शहीदों की इच्छाएं कभी व्यर्थ नहीं जातीं, वे समाज के संकल्प में परिवर्तित होती हैं।”

सशक्त उपस्थिति और प्रशासन की सराहना

इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों में धनीराम बारसे, अरुण सिंह भदौरिया, दीपिका सोरी, मंगम्मा सोयम, नंदलाल मुड़ामी, हुंगाराम मरकाम, कुसुम लता कवासी, रीना पेद्दी सहित कई अन्य शामिल रहे। वहीं प्रशासन की ओर से कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी पी. सुंदरराज, डीआईजी कमलोचन प्रसाद, कलेक्टर देवेश ध्रुव, एसपी किरण गंगाराम चव्हाण और अन्य अधिकारी मौजूद थे।

निष्कर्ष:
शाला प्रवेश उत्सव और चरण पादुका वितरण के माध्यम से सुकमा में शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण का यह प्रयास न केवल एक औपचारिक आयोजन था, बल्कि एक सकारात्मक परिवर्तन की ओर सार्थक कदम था, जो आने वाले समय में पूरे बस्तर अंचल को नई दिशा देगा।

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