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बस्तर के पांच जिलों का सघन दौरा: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अबूझमाड़ से सुकमा तक देखी योजनाओं की जमीनी हकीकत, नक्सल प्रभावित इलाकों में शिक्षा और विकास का दिया नया संदेश

बस्तर के पांच जिलों का सघन दौरा: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अबूझमाड़ से सुकमा तक देखी योजनाओं की जमीनी हकीकत, नक्सल प्रभावित इलाकों में शिक्षा और विकास का दिया नया संदेश

रायपुर, 4 जुलाई 2025 – छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने तीन दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान सड़क मार्ग से नारायणपुर, बीजापुर, बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों का सघन दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जमीनी हकीकत का जायजा लेते हुए आमजन, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, सुरक्षा बलों और विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया।

अपनी यात्रा की शुरुआत उन्होंने अबूझमाड़ के अति संवेदनशील ग्राम इरकभट्टी से की, जहाँ उन्होंने जवानों से मुलाकात कर कहा कि “उनकी निष्ठा और साहस से ही बस्तर में लोकतंत्र की जड़ें मजबूत हुई हैं।” आश्रम निरीक्षण के बाद स्कूली बच्चों के साथ भोजन किया और ग्रामीणों से जनचौपाल में चर्चा करते हुए भरोसा दिलाया कि अब विकास विरोधी ताकतें अबूझमाड़ की प्रगति को रोक नहीं पाएंगी। उन्होंने सीएससी सेंटर खोलने, राशन वितरण, महतारी वंदन योजना की राशि गाँव में ही मिलने और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में घोषणाएं कीं।

बीजापुर में 14 बंद स्कूलों को पुनः प्रारंभ किया गया और दो नए स्कूल खोले गए। बच्चों को बैग, गणवेश और किताबें वितरित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने शिक्षा को ग्रामीण विकास की रीढ़ बताया।

भैरमगढ़ के फुंडरी गांव में निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण करते हुए उन्होंने धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई और कार्य में गति लाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने CRPF जवानों से भेंट कर उनके योगदान की सराहना की।

दंतेवाड़ा में पहुँचकर उपमुख्यमंत्री ने माँ दंतेश्वरी मंदिर में प्रदेश की सुख-शांति के लिए पूजा की।

सुकमा जिले में उन्होंने शाला प्रवेश उत्सव और चरण पादुका वितरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने स्कूली बच्चों को मुकुट पहनाकर स्वागत किया और कहा कि “शिक्षा ही भय और लाल आतंक का अंत है।” उन्होंने बताया कि सुकमा जिले में 1000 से अधिक स्कूल संचालित हो रहे हैं, जो इस अंचल की बड़ी उपलब्धि है।

पुनर्वास केंद्र में आत्मसमर्पित नक्सलियों से चर्चा करते हुए उन्होंने उन्हें कौशल विकास, बैंकिंग, आयुष्मान योजना और रोजगार से जोड़ने के निर्देश दिए।

जिला कलेक्ट्रेट सुकमा में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के तहत सुकमा, छिंदगढ़ और कोंटा विकासखंड के 24 गांवों में सड़क, शेड और भवन निर्माण के लिए ₹1.51 करोड़ की मंजूरी दी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि “यह केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि सामाजिक विश्वास का निर्माण है। जनता की सहभागिता ही इन कार्यों को सफल बनाएगी।”

यह दौरा न केवल बस्तर के विकास की दिशा में मजबूत संदेश है, बल्कि नक्सल प्रभावित अंचल में स्थायी शांति और शिक्षा के प्रकाश की ओर उठाया गया सार्थक कदम भी है।

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