छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र: गौठानों में सिर्फ 620 पशुओं की व्यवस्था, जानकारी पर भड़के विधायक कुंवर सिंह निषाद; बोले– गौमाता के नाम पर वोट मांगा तो राष्ट्रमाता घोषित करें

रायपुर, 27 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन प्रश्नकाल के दौरान घुमंतू और आवारा पशुओं के रख-रखाव का मुद्दा सदन में गूंजा। विधायक कुंवर सिंह निषाद ने सरकार से राज्य में संचालित योजनाओं और गौठानों की वास्तविक स्थिति पर सवाल उठाए।
निषाद ने पूछा कि घुमंतू पशुओं के संरक्षण और देखभाल के लिए राज्य में कौन-कौन सी योजनाएं संचालित हैं और उनके तहत कितने पशुओं को लाभ मिल रहा है। जवाब में आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि पशुधन विभाग के माध्यम से आदर्श गोधाम, गोकुल धाम और गौ अभ्यारण योजना संचालित हैं। उन्होंने कहा कि गोधाम योजना के तहत 620 पशुओं के संरक्षण और व्यवस्थाओं के लिए इंतजाम किया गया है, जबकि कई स्थानों पर कार्य प्रक्रियाधीन है।
इस पर निषाद ने सवाल उठाया कि 620 पशुओं के चारा-पानी की व्यवस्था सरकार कर रही है या कोई अन्य संस्था? मंत्री ने स्पष्ट किया कि 36 गोठानों में गौधाम के लिए प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है और पंजीकृत संस्थाओं को राशि उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां गोठान स्वीकृत हैं, वहां पशुओं को संरक्षित रखने की व्यवस्था की जा रही है।
विधायक ने यह भी पूछा कि वर्तमान में गोठान कहां-कहां संचालित हो रहे हैं। मंत्री के अनुसार तखतपुर-बिलासपुर, साजा-बेमेतरा और राजपुर-मरवाही सहित 11 स्थानों पर गोठान खुले हैं, जिनमें से 3 स्थानों पर संचालन जारी है। मंत्री ने कहा कि नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में घुमंतू पशुओं की स्थिति अलग-अलग है और संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है।
चर्चा के दौरान निषाद ने तंज कसते हुए कहा कि यदि सरकार ने गौमाता के नाम पर वोट मांगा है, तो उन्हें राष्ट्रमाता घोषित किया जाना चाहिए।
वहीं, विधायक पुन्नू लाल मोहले ने मुंगेली विधानसभा क्षेत्र में किसानों को फसल उत्पादन, संरक्षण प्रौद्योगिकी, प्रमाणित बीज वितरण और उन्नत कृषि उपकरणों पर खर्च की जानकारी मांगी। मंत्री नेताम ने बताया कि 2023 से 2026 तक मुंगेली और पथरिया विकासखंड में किसानों को विभिन्न कृषि योजनाओं के तहत सहायता दी जा रही है।
सदन में पशु संरक्षण और कृषि योजनाओं को लेकर हुई इस चर्चा ने सरकार की तैयारियों और जमीनी अमल पर सवाल खड़े कर दिए हैं।




