रिश्वतखोरी कांड: कर्नाटक सरकार ने तीन डॉक्टरों को किया निलंबित, रावतपुरा मेडिकल कॉलेज रायपुर के लिए जारी की थी फर्जी रिपोर्ट

रायपुर/बेंगलुरु, 17 सितम्बर 2025।
रावतपुरा सरकारी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च, रायपुर के लिए अनुकूल निरीक्षण रिपोर्ट जारी करने के आरोप में कर्नाटक सरकार ने तीन वरिष्ठ डॉक्टरों को निलंबित कर दिया है।
निलंबित डॉक्टरों में डॉ. चैत्रा एम. एस. (एसोसिएट प्रोफेसर, अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज, बेंगलुरु), डॉ. मंजप्पा सी. एन. (प्रोफेसर एवं ऑर्थोपेडिक्स विभागाध्यक्ष, मंड्या इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) और डॉ. अशोक शेलके (असिस्टेंट प्रोफेसर, कम्युनिटी मेडिसिन विभाग, बीदार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) शामिल हैं।
सीबीआई जांच में खुलासा हुआ है कि इन तीनों डॉक्टरों को 1 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया गया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने रायपुर स्थित रावतपुरा मेडिकल संस्थान को सीट अनुमोदन दिलाने के लिए निरीक्षण रिपोर्ट में हेरफेर किया और इसके बदले 55 लाख रुपये रिश्वत ली। यह रकम कथित तौर पर मध्यस्थों के माध्यम से दी गई थी।
जांच एजेंसी ने पाया कि निरीक्षण कार्यक्रम और मूल्यांककों की जानकारी पहले से ही कॉलेज प्रबंधन तक पहुँचा दी गई थी, जिससे कॉलेज प्रशासन ने रिकॉर्ड में फेरबदल कर आवश्यक मानकों की पूर्ति दिखाने का प्रयास किया।
इस भ्रष्टाचार प्रकरण में स्वास्थ्य मंत्रालय, नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) सहित कुल 34 लोगों को एफआईआर में नामजद किया गया है। इनमें तीन डॉक्टर पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।
यह मामला देशभर के मेडिकल कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़ा करता है और आने वाले दिनों में सीबीआई की तफ्तीश और भी बड़े खुलासे कर सकती है।




