छत्तीसगढ़

बिलासपुर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: सहमति से बने संबंध को दुष्कर्म नहीं माना, युवक की 10 साल की सजा रद्द

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के एक मामले में चौंकाने वाला फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने कहा कि आपसी सहमति से बनाए गए संबंध को दुष्कर्म नहीं कहा जा सकता, और इसी आधार पर जगदलपुर फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा सुनाई गई युवक की 10 साल की सजा रद्द कर दी

मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला जगदलपुर का है, जहां फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पहले युवक को दुष्कर्म के आरोप में 10 साल की जेल की सजा सुनाई थी। आरोपी ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की, और आज बिलासपुर हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद अपना फैसला सुनाया।

हाईकोर्ट ने कहा कि पीड़िता बालिग थी और दोनों के बीच सात साल तक आपसी सहमति वाला प्रेम संबंध रहा। इसमें शादी के लिए झांसा देने जैसी कोई बात नहीं थी, और इसलिए यह मामला जबरी शोषण का नहीं था

हाईकोर्ट के फैसले के बाद यह स्पष्ट हो गया कि सहमति से बने रिश्तों में कानून के तहत दुष्कर्म का आरोप नहीं लगाया जा सकता


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