खेल

BCCI ने बदले घरेलू क्रिकेट के नियम: जानबूझकर नो-बॉल फेंकने पर पूरे मैच से बाहर होगा गेंदबाज, हेड कोच-विकेटकीपरों को भी राहत

स्पोर्ट्स डेस्क,21 जुलाई 2026

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने 2026-27 घरेलू क्रिकेट सीजन से पहले खेल के नियमों में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नए नियमों का उद्देश्य खेल की निष्पक्षता, अनुशासन और मैच संचालन को अधिक प्रभावी बनाना है। सबसे बड़ा बदलाव जानबूझकर फ्रंट फुट नो-बॉल या बिना टप्पा खाए बल्लेबाज तक गेंद पहुंचाने वाले गेंदबाजों को लेकर किया गया है।

नए नियम के अनुसार यदि कोई गेंदबाज जानबूझकर नो-बॉल फेंकता हुआ पाया जाता है, तो उसे केवल उस पारी से नहीं बल्कि पूरे मैच से बाहर कर दिया जाएगा। पहले ऐसे मामलों में गेंदबाज को सिर्फ उसी पारी में गेंदबाजी करने से रोका जाता था। मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (MCC) की सिफारिशों के बाद BCCI ने नियम को और सख्त बनाया है। किसी नो-बॉल को जानबूझकर फेंका गया या नहीं, इसका अंतिम फैसला मैदान पर मौजूद अंपायर करेंगे।

बोर्ड ने दिन के खेल से जुड़े नियम में भी बदलाव किया है। अब दिन का आखिरी ओवर हर हाल में पूरा कराया जाएगा, चाहे उसके दौरान विकेट ही क्यों न गिर जाए। इससे नई बल्लेबाजी जोड़ी को दिन का शेष खेल खेलने का अवसर मिलेगा।

अंतिम पारी में अब कोई भी टीम डिक्लेरेशन या फॉरफिट का विकल्प नहीं अपना सकेगी। BCCI का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य कृत्रिम परिणामों की संभावना को खत्म करना और खेल भावना को बनाए रखना है।

घरेलू वनडे क्रिकेट में अब हेड कोच को ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान मैदान पर जाकर खिलाड़ियों से बातचीत करने की अनुमति होगी। बोर्ड का मानना है कि इससे टीमों को रणनीति बनाने में मदद मिलेगी।

विकेटकीपरों को भी नए नियमों के तहत राहत मिली है। अब उनके दस्ताने केवल गेंद डिलीवर किए जाने के समय स्टंप्स के पीछे होना जरूरी होगा, जबकि पहले गेंदबाज के रन-अप शुरू होते ही यह अनिवार्य था। इससे अनावश्यक नो-बॉल और स्टंपिंग विवाद कम होने की उम्मीद है।

BCCI ने सभी राज्य क्रिकेट संघों को निर्देश दिए हैं कि नए सीजन से पहले अंपायरों और मैच रेफरियों को संशोधित नियमों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाए। अगले महीने दलीप ट्रॉफी से शुरू होने वाले घरेलू क्रिकेट सीजन में ये सभी नए नियम लागू होंगे।

Related Articles

Back to top button
You Cannot able to copy the content! All Reserved Rights of Bastar Dagar