तसर रेशम बीज उत्पादन में बस्तर अव्वल, बीएसएमटीसी ने लगातार दूसरी बार देश में पाया प्रथम स्थान



बस्तर के लिए गर्व का विषय है कि केंद्रीय रेशम बोर्ड के अंतर्गत संचालित बीएसएमटीसी (बस्तर सिल्क मार्केटिंग एंड ट्रेनिंग सेंटर) ने उष्णकटिबंधीय तसर रेशम बीज उत्पादन के क्षेत्र में लगातार दूसरे वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि से न केवल बस्तर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन हुआ है।
यह सफलता केंद्र की वैज्ञानिक कार्यप्रणाली, सतत निगरानी और समर्पित टीमवर्क का परिणाम मानी जा रही है। केंद्र की वैज्ञानिक-सी डॉ. बी. तिरुपम रेड्डी के कुशल नेतृत्व में बीएसएमटीसी बस्तर ने उत्कृष्ट गुणवत्ता के तसर रेशम बीज उत्पादन कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी श्रेष्ठता साबित की है।केंद्र आगामी मौसम को ध्यान में रखते हुए 8 लाख बीज कोकून (डीटीवी एवं डीबीवी) के पर्याप्त स्टॉक के साथ पूरी तरह तैयार है, जिसका उपयोग 2026–27 फसल वर्ष में किया जाएगा। इस उपलब्धि में छत्तीसगढ़ शासन के रेशम विभाग एवं केंद्रीय रेशम बोर्ड के सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
तसर रेशम बीज उत्पादन में बीएसएमटीसी बस्तर की यह निरंतर सफलता बस्तर को देश के रेशम मानचित्र पर अग्रणी पहचान दिला रही है। आने वाले वर्षों में इससे क्षेत्रीय विकास, स्वरोजगार और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में नए अवसर सृजित होने की उम्मीद जताई जा रही है।





