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Bastar news update:बस्तर में मौसम का अलर्ट, ग्रीन गुफा अब भी बंद, रावघाट माइंस में हड़ताल से काम ठप

जगदलपुर,28 अक्टूबर 2026

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में चक्रवाती तूफान ‘अरनब’ के संभावित असर ने प्रशासन से लेकर किसानों और रेल यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने बस्तर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में बादल छाए हुए हैं और बूंदाबांदी शुरू हो गई है। प्रशासन ने ग्रामीणों को सतर्क करने के लिए स्थानीय बोलियों में मुनादी कराई है और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

धान की फसल पर बारिश का खतरा

खेतों में धान की फसल पककर तैयार है और कई क्षेत्रों में कटाई शुरू हो चुकी है। ऐसे में भारी बारिश और तेज हवाओं से किसानों की परेशानी बढ़ सकती है। खेतों में खड़ी फसल गिरने, पानी भरने से धान खराब होने और कटाई के बाद खुले में रखी उपज भीगने की आशंका है। पहले ही बाढ़ और जलभराव से नुकसान झेल चुके किसानों को अब एक बार फिर फसल बचाने की चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।

18 से अधिक राहत शिविर तैयार

संभावित आपदा से निपटने के लिए बस्तर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देशन में इंद्रावती, मार्कण्डी और नारंगी नदियों के किनारे बसे गांवों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखने के लिए 18 से अधिक भवनों में राहत शिविर तैयार किए गए हैं। नगर सेना, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को सतर्क रखा गया है। जिला कार्यालय में 24 घंटे संचालित बाढ़ नियंत्रण कक्ष के माध्यम से बारिश और नदियों के जलस्तर पर नजर रखी जाएगी।

नौ महीने बाद भी नहीं खुली ग्रीन गुफा

कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के पास स्थित ग्रीन गुफा को जनवरी 2026 में पर्यटकों के लिए खोलने की योजना बनाई गई थी, लेकिन नौ महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी पर्यटकों का इंतजार खत्म नहीं हुआ है। कोटमसर के समीप स्थित यह गुफा अपनी अनोखी प्राकृतिक संरचना और दीवारों पर मौजूद हरे रंग की सूक्ष्मजीवी परतों के लिए जानी जाती है। इसे पर्यटन से जोड़ने और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की योजना थी, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के विकास में देरी के कारण यह योजना अब तक पूरी नहीं हो सकी है।

चक्रवात के असर से 56 ट्रेनें रद्द

चक्रवाती तूफान की आशंका के बीच रेलवे ने भी एहतियाती कदम उठाए हैं। दक्षिण तट रेलवे की घोषणा के अनुसार, 27, 28 और 29 अक्टूबर को कुल 56 ट्रेन सेवाएं रद्द की गई हैं, जबकि 15 ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है। इसका असर केके रेललाइन सहित प्रभावित रेलखंडों पर यात्रा करने वाले यात्रियों पर पड़ सकता है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति और संशोधित समय की जानकारी अवश्य जांच लें।

हैदराबाद से अंबिकापुर तक विमान सेवा का विस्तार

एलायंस एयर ने हैदराबाद से रायपुर के बीच संचालित उड़ान को अंबिकापुर तक विस्तारित करने की योजना बनाई है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, विमान हैदराबाद से जगदलपुर पहुंचकर रायपुर होते हुए अंबिकापुर जाएगा। वापसी में भी जगदलपुर के रास्ते हैदराबाद तक उड़ान संचालित होगी। यह सेवा मंगलवार, गुरुवार और शुक्रवार को प्रस्तावित है। इससे बस्तर और उत्तर छत्तीसगढ़ के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, टिकट व्यावसायिक दरों पर उपलब्ध होंगे।

रावघाट माइंस में पांचवें दिन भी हड़ताल

नारायणपुर जिले की रावघाट लौह अयस्क परियोजना में कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल पांचवें दिन भी जारी है। कर्मचारी 16 सूत्रीय मांगों को लेकर 23 अक्टूबर से आंदोलन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में वेतन, पीएफ, ईएसआई और अन्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। कर्मचारियों के अनुसार, 27 अक्टूबर से खनन और डिस्पैच का काम पूरी तरह बंद है। आंदोलन में कांकेर और नारायणपुर क्षेत्र के 417 से अधिक कर्मचारियों के शामिल होने की बात कही गई है। कर्मचारियों ने प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत और समस्याओं के समाधान की मांग की है।

मानदेय बढ़ाने और नियमितीकरण की मांग

सुकमा जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने कम मानदेय, बढ़ते कार्यभार और भविष्य की सुरक्षा को लेकर प्रदर्शन किया। तोंगपाल सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और ज्ञापन सौंपा। उनकी प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, श्रम कानूनों के अनुरूप मानदेय, पेंशन, समूह बीमा, ग्रेच्युटी और अनुकंपा नियुक्ति शामिल हैं। संयुक्त मंच ने कार्यकर्ताओं के लिए 30 हजार रुपये और सहायिकाओं के लिए 25,500 रुपये मासिक मानदेय देने की मांग रखी है।

सरपंचों से कथित वसूली का आरोप

बस्तर जिले में कुछ लोगों पर पत्रकारिता की आड़ में सरपंचों से पैसे मांगने और कथित ब्लैकमेलिंग के आरोप लगे हैं। सरपंच संघ जिला बस्तर के प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। संघ का आरोप है कि फोन और व्हाट्सएप के जरिए खुद को पत्रकार बताने वाले कुछ लोग पैसे नहीं देने पर बदनाम करने की धमकी देते हैं। फिलहाल ये आरोप ज्ञापन के माध्यम से सामने आए हैं। मामले की वास्तविकता जांच और पुलिस की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।

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