बकावंड ब्लॉक : भीरेंडा ग्राम पंचायत में पाँच वर्षों से अधूरा शौचालय निर्माण, निकली पूरी राशि फिर भी कार्य ठप



डमरू कश्यप,बकावंड! बकावंड विकासखंड के अंतिम छोर पर स्थित ग्राम पंचायत भीरेंडा में निर्मित होने वाला सार्वजनिक शौचालय पाँच वर्षों से अधर में लटका हुआ है। इस परियोजना हेतु ₹3 लाख 68 हज़ार की स्वीकृत राशि में से ₹84 हज़ार का व्यय दर्शाकर आंशिक कार्य आरंभ तो किया गया, किंतु आज तक निर्माण अपूर्ण ही पड़ा है।
ग्राम पंचायत के तत्कालीन जिम्मेदार पदाधिकारियों, विशेषकर सचिव प्रभु बघेल एवं तत्कालीन सरपंच पर आरोप है कि उन्होंने राशि आहरित कर लेने के उपरांत भी निर्माण कार्य को जानबूझकर उपेक्षित छोड़ दिया। स्थिति यह है कि पंचायत अंतर्गत अन्य विकासात्मक गतिविधियाँ भी वर्षों से ठप पड़ी हैं, परंतु जनप्रतिनिधियों ने आज तक कोई ठोस संज्ञान नहीं लिया।
जब हमारे संवाददाता ने स्थल निरीक्षण किया तो यह तथ्य प्रत्यक्ष हुआ कि शौचालय के अधूरे ढांचे के अतिरिक्त कोई प्रगति नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि धनराशि व्यय दर्शाकर काम को अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे ग्रामवासियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
इस विषय में वर्तमान सरपंच देवराज कश्यप से वार्ता की गई। उन्होंने दायित्व से पल्ला झाड़ते हुए कहा—
“यह कार्य मेरे कार्यकाल का नहीं है। वर्तमान में राजमिस्त्री अन्य निर्माण कार्यों में व्यस्त हैं, दो-तीन दिनों में शौचालय का कार्य पूरा करा दिया जाएगा।”
ग्रामवासियों का आक्रोश इस बात को लेकर है कि पाँच वर्ष से लंबित कार्य को अब तक पूर्ण न कर पाने में स्थानीय शासन-प्रशासन की उदासीनता स्पष्ट झलकती है।




