तिरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में विश्व ग्लूकोमा सप्ताह पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

जगदलपुर। विश्व ग्लूकोमा सप्ताह के अवसर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिरिया में लोगों को काला मोतियाबिंद (ग्लूकोमा) के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. राधेश्याम भंवर एवं जिला नोडल अधिकारी (अंधत्व नियंत्रण) डॉ. सरिता थॉमस के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।



कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को ग्लूकोमा जैसी गंभीर नेत्र बीमारी के प्रति सचेत करना और समय पर जांच के लिए प्रेरित करना था। इस दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के नेत्र सहायक अधिकारी रयमन बघेल ने बताया कि ग्लूकोमा आंखों की एक गंभीर बीमारी है, जिसमें आंखों के अंदर का दबाव बढ़ने से ऑप्टिक नर्व (दृष्टि तंत्रिका) को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने बताया कि यदि ऑप्टिक नर्व को एक बार गंभीर क्षति हो जाए या वह सूख जाए तो उसे ठीक करना संभव नहीं होता, इसलिए समय पर जांच और उपचार बेहद जरूरी है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिरिया की प्रभारी किरण चंद्राकर ने बताया कि ग्लूकोमा के प्रमुख लक्षणों में सिरदर्द होना, बार-बार चश्मे का नंबर बदलना, आंखों की रोशनी का दायरा कम होना और धुंधला दिखाई देना शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में इस बीमारी की संभावना अधिक रहती है, इसलिए ऐसे व्यक्तियों को नियमित रूप से आंखों की जांच करवानी चाहिए।
उन्होंने यह भी बताया कि जिन लोगों के परिवार में पहले किसी को ग्लूकोमा रहा हो, जिन्हें उच्च रक्तचाप की समस्या हो या जिनकी आंखों में कभी चोट लगी हो, उन्हें विशेष रूप से समय-समय पर नेत्र जांच करवाते रहना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को ग्लूकोमा से बचाव, समय पर जांच और उपचार के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी किरण चंद्राकर, शिरीष पांडे, पुष्पा साहू, चंद्रावती मौर्य, गणपति नाग, रामधर नाग सहित स्टाफ नर्स एवं अस्पताल के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।




