छत्तीसगढ़

दुग्ध उत्पादन पर सदन में घमासान: अजय चंद्राकर बोले– हम आत्मनिर्भर नहीं, भूपेश बघेल का पलटवार– सरकार आपकी, काम क्यों नहीं हो रहा

रायपुर | विधानसभा बजट सत्र

रायपुर में चल रहे विधानसभा के बजट सत्र के प्रश्नकाल के दौरान शुक्रवार को गौवंश, कृत्रिम गर्भाधान, दुग्ध उत्पादन और पशु प्रजनन नीति जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने प्रदेश में मादा गौवंश की संख्या, कृत्रिम गर्भाधान व्यवस्था और टीकाकरण की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ आज भी दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर नहीं है और इस क्षेत्र की स्थिति बेहद दयनीय है।

चंद्राकर ने सरकार से पूछा कि प्रदेश में 53 लाख मादा गौवंशीय पशुओं के लिए गर्भाधान, नस्ल सुधार और टीकाकरण की क्या व्यवस्था है तथा दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार क्या ठोस कदम उठा रही है। इस पर कृषि एवं पशुपालन मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि पूरे प्रदेश में पशु औषधालय और उपकेंद्रों के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है और बेहतर नस्ल विकसित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि दुग्ध उत्पादन राष्ट्रीय औसत के बराबर लाया जा सके।

बहस के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर पलटवार करते हुए कहा कि सत्ता आपके हाथ में है, लेकिन काम नहीं हो पा रहा है और आरोप विपक्ष पर लगाया जा रहा है। उन्होंने चिराग परियोजना की राशि और उसके कार्यों की प्रगति पर भी सवाल उठाए।

अजय चंद्राकर ने यह भी पूछा कि प्रदेश में संचालित 1585 संस्थाएं सरकारी हैं या गैर-सरकारी और 412 नए केंद्र कब तक खोले जाएंगे। मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि बछिया उत्पादन बढ़ाने के लिए सेक्स सॉर्टेड सीमेन का उपयोग किया जा रहा है और राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत निजी क्षेत्र की भागीदारी भी ली जा रही है।

चिराग परियोजना को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री नेताम ने बताया कि 183 करोड़ रुपये की इस परियोजना में अपेक्षित प्रगति नहीं होने के कारण भारत सरकार ने समीक्षा के बाद नोटिस जारी कर इसे बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि इसकी जांच कर जिम्मेदारी तय की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई के लिए अनुशंसा भेजी जाएगी।

सदन में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने गांवों में मौजूद बछिया की संख्या और उनके संरक्षण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी मांगी, जबकि भूपेश बघेल ने पूछा कि चिराग परियोजना की राशि कब समर्पित की गई और वर्ष 2024-25 में इस पर क्या काम हुआ। मंत्री नेताम ने बताया कि इस परियोजना में केवल एक प्रतिशत राशि ही खर्च हो सकी और 18 मार्च 2025 को राज्य सरकार को इसकी जानकारी दी गई थी।

इसके अलावा सदन में कुल 77 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी लगाए गए, जिनमें कानून-व्यवस्था, किसानों और पशुपालकों से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे। वहीं अजय चंद्राकर, धर्मजीत सिंह और धरमलाल कौशिक ने प्रदेश में बढ़ रही चाकूबाजी की घटनाओं को लेकर भी चिंता जताई।

Related Articles

Back to top button
You Cannot able to copy the content! All Reserved Rights of Bastar Dagar