छत्तीसगढ़ के 5.35 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को मिलेगा लाभ, 1 नवंबर से लागू होंगी डीए और डीआर की नई दरें

रायपुर,30 अक्टूबर 2026
दीपावली से पहले छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने प्रदेश के लाखों शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ी आर्थिक राहत दी है। राज्य सरकार ने महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2 प्रतिशत की वृद्धि करने का आदेश जारी किया है। इस फैसले के बाद सातवें वेतनमान के तहत वेतन प्राप्त करने वाले कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगा। वहीं पेंशनरों की महंगाई राहत भी 60 प्रतिशत हो जाएगी। बढ़ी हुई दरें 1 नवंबर 2026 से प्रभावी होंगी।
1 नवंबर से मिलेगा बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ
राज्य शासन के वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, सातवें वेतनमान के अंतर्गत वेतन प्राप्त करने वाले शासकीय कर्मचारियों को नवंबर 2026 से बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा। अब तक कर्मचारियों को मूल वेतन का 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा था, जिसे बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है।
इसी तरह पेंशनरों को मिलने वाली महंगाई राहत में भी 2 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इस निर्णय से त्योहार के दौरान कर्मचारियों और पेंशनरों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी।
3.85 लाख कर्मचारी और 1.50 लाख पेंशनर होंगे लाभान्वित
राज्य सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लगभग 3 लाख 85 हजार शासकीय कर्मचारी और 1 लाख 50 हजार पेंशनर लाभान्वित होंगे। इस तरह कुल 5 लाख 35 हजार लोगों को बढ़े हुए महंगाई भत्ते और महंगाई राहत का लाभ मिलेगा।
इस वृद्धि से राज्य सरकार के खजाने पर लगभग 36 करोड़ रुपये प्रतिमाह और 432 करोड़ रुपये सालाना का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस निर्णय को शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों के प्रति संवेदनशील है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, दीपावली से पहले महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में वृद्धि से कर्मचारियों एवं पेंशनरों को आर्थिक राहत मिलेगी। इससे उनके परिवारों की त्योहार की खुशियों में भी इजाफा होगा।
मूल वेतन के आधार पर होगी DA की गणना
वित्त विभाग के आदेश के अनुसार, महंगाई भत्ते की गणना कर्मचारियों के मूल वेतन (Basic Pay) के आधार पर की जाएगी। इसमें विशेष वेतन और व्यक्तिगत वेतन को शामिल नहीं किया जाएगा।
इसके अलावा महंगाई भत्ते की किसी भी राशि को मूलभूत नियम 9(21) के अंतर्गत वेतन नहीं माना जाएगा। यानी महंगाई भत्ता मूल वेतन से अलग देय होगा और इसकी गणना निर्धारित नियमों के अनुसार की जाएगी।
कर्मचारियों की सैलरी में कितनी होगी बढ़ोतरी?
महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की वृद्धि से कर्मचारियों को उनके मूल वेतन के अनुसार अतिरिक्त राशि मिलेगी।
- 30,000 रुपये मूल वेतन: 600 रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त।
- 40,000 रुपये मूल वेतन: 800 रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त।
- 50,000 रुपये मूल वेतन: 1,000 रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त।
यह बढ़ोतरी केवल महंगाई भत्ते में हुई वृद्धि के आधार पर है। वास्तविक वेतन में अन्य भत्तों, कटौतियों और लागू नियमों के अनुसार अंतर हो सकता है।
50 पैसे या उससे अधिक होने पर अगले रुपये में गणना
वित्त विभाग ने महंगाई भत्ते के भुगतान में राशि की गणना को लेकर भी नियम स्पष्ट किए हैं। इसके अनुसार, गणना के दौरान यदि 50 पैसे या उससे अधिक की राशि बनती है, तो उसे अगले पूर्ण रुपये में जोड़ दिया जाएगा। वहीं 50 पैसे से कम की राशि को छोड़ दिया जाएगा।
सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों को नवंबर से बढ़ी हुई आर्थिक राहत मिलेगी।




