कोरिया के जीराफूल चावल को मिली नई पहचान, 832 किसान प्राकृतिक खेती से जुड़े

कोरिया,18 अगस्त 2026
खेत से बाजार तक पहुंच रहा जीराफूल चावल
कोरिया जिले का पारंपरिक और सुगंधित जीराफूल चावल अब प्राकृतिक खेती और किसान उत्पादक संगठन (FPO) के माध्यम से नई पहचान बना रहा है। जिला प्रशासन और कृषि विभाग द्वारा स्थानीय कृषि उत्पादों को बढ़ावा देने तथा किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कृषि विभाग के उप संचालक राजेश भारती ने बताया कि कलेक्टर रोक्तिमा यादव के मार्गदर्शन में जिले में FPO से जुड़े 832 किसान प्राकृतिक खेती पद्धति से जीराफूल धान का उत्पादन कर रहे हैं। किसान खेती में जीवामृत और बीजामृत जैसे जैव-आधारित इनपुट का उपयोग कर रहे हैं।
FPO बना किसानों और बाजार के बीच मजबूत कड़ी
किसानों की उपज को संगठित बाजार से जोड़ने में FPO महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सोनहत गौरव एग्रोफेड कृषक उत्पादक बहुउद्देशीय सहकारी समिति मर्यादित के माध्यम से जीराफूल चावल के एकत्रीकरण, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इससे किसानों को सामूहिक रूप से बाजार तक पहुंच बनाने और अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त करने के अवसर मिल रहे हैं।
प्राकृतिक खेती से मूल्य संवर्धन तक तैयार हुई पूरी श्रृंखला
जीराफूल चावल के लिए प्राकृतिक खेती, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, प्रमाणन, आकर्षक पैकेजिंग और FPO के माध्यम से विपणन की पूरी श्रृंखला विकसित की जा रही है।
प्राकृतिक खेती से तैयार जीराफूल चावल को PGS-प्राकृतिक खेती प्रमाणन के साथ बाजार तक पहुंचाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इससे कोरिया के पारंपरिक चावल को गुणवत्तापूर्ण और प्राकृतिक उत्पाद के रूप में नई पहचान मिल रही है।
कृषि मंत्रालय ने भी प्रयासों को सराहा
कृषि मंत्रालय, भारत सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से कोरिया के जीराफूल धान की प्राकृतिक खेती और FPO मॉडल से जुड़े प्रयासों की सराहना की है।
मुख्यमंत्री ने किसानों के प्रयासों की सराहना की
कोरिया के जीराफूल चावल को राष्ट्रीय स्तर पर मिल रही पहचान को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी जिले के किसानों के प्रयासों की सराहना की है।
प्राकृतिक खेती, FPO और बेहतर विपणन को आपस में जोड़ने की यह पहल किसानों के लिए नए बाजार और मूल्य संवर्धन के अवसर खोल रही है।
कृषि विभाग द्वारा किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीक, जैव-इनपुट निर्माण, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और FPO के माध्यम से विपणन के संबंध में लगातार मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
अब कोरिया के जीराफूल चावल की पहचान खेत से बाजार तक पहुंच रही है और FPO इस बदलाव की महत्वपूर्ण कड़ी बनकर उभर रहा है।




