अजय चंद्राकर का बड़ा बयान: अरुण पन्नालाल को बताया धर्मांतरण रैकेट का सरगना, कांग्रेस ने किया पलटवार

रायपुर,8 अगस्त 2026
भगवान शिव पर अभद्र टिप्पणी के मामले में क्रिश्चियन फोरम के अध्यक्ष अरुण पन्नालाल की गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने इस मामले को लेकर बड़ा बयान देते हुए अरुण पन्नालाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी महज एक घटना है, जबकि छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के बड़े रैकेट की जांच की आवश्यकता है।
अरुण पन्नालाल की पूरी हिस्ट्री जांचने की मांग
अजय चंद्राकर ने कहा कि प्रशासन को यह जांचना चाहिए कि अरुण पन्नालाल कब धर्मांतरित हुए, उन्हें किन-किन संस्थाओं से पैसा मिला और उस राशि का इस्तेमाल कहां किया गया। उन्होंने उनकी आजीविका और कथित विदेशी फंडिंग से जुड़े पहलुओं की भी जांच की मांग की।
भाजपा विधायक ने कहा कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए, ताकि सभी तथ्यों को सामने लाया जा सके।
कांग्रेस ने गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
अरुण पन्नालाल की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बजरंग दल और आरएसएस के लोग माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस ने सरकार से इस मामले में आत्मावलोकन करने की बात कही।
कांग्रेस जिलाध्यक्षों की रैंकिंग पर भी सियासी वार
कांग्रेस जिलाध्यक्षों की रैंकिंग को लेकर भी अजय चंद्राकर ने राहुल गांधी पर तंज कसा। उन्होंने रैंकिंग की खबर को फर्जी समाचार बताते हुए कहा कि कांग्रेस के पास न कार्यक्रम है, न उद्देश्य और न ही विजन।
इसके जवाब में सुशील आनंद शुक्ला ने अजय चंद्राकर पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा विधायक की आंखों पर चाटुकारिता की पट्टी बंधी हुई है। उन्होंने E20 पेट्रोल के मुद्दे को आम जनता से जुड़ी समस्या बताया।
कमिश्नरेट प्रणाली को लेकर भी मतभेद
रायपुर में लागू कमिश्नरेट प्रणाली को लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के पत्र पर अजय चंद्राकर ने कहा कि नई व्यवस्था को पूरी तरह स्थापित होने में समय लगेगा। उन्होंने कहा कि रायपुर को टुकड़ों में नहीं बांटना चाहिए और पूरे शहर को कमिश्नर प्रणाली के अंतर्गत रखा जाना चाहिए।
वहीं कांग्रेस ने कमिश्नरेट प्रणाली को राज्य सरकार की विफलता की उपज बताते हुए आरोप लगाया कि इसके लागू होने के बाद अपराधों पर प्रभावी अंकुश नहीं लगा है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर अजय चंद्राकर और बृजमोहन अग्रवाल के सुझावों से सहमति जताई।




