बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी सौगात, मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 का शुभारंभ

,,लंबित बिजली बिलों से मिलेगी राहत, बीपीएल उपभोक्ताओं को 75% तक छूट और सरचार्ज पूरी तरह माफ,,
जगदलपुर, 13 मार्च 2026, प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए राज्य शासन ने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 का औपचारिक शुभारंभ कर दिया है। गुरुवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस जनकल्याणकारी योजना की शुरुआत की। योजना का उद्देश्य निम्नदाब श्रेणी के घरेलू, बीपीएल तथा कृषि उपभोक्ताओं को लंबे समय से लंबित बिजली बिलों के बोझ से राहत देकर उन्हें आर्थिक संबल प्रदान करना है।
इस योजना का सबसे व्यापक प्रभाव बस्तर संभाग में देखने को मिलेगा, जहाँ हजारों परिवारों को वर्षों से बकाया बिजली बिलों से राहत मिलने जा रही है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी से प्राप्त जानकारी के अनुसार बस्तर संभाग के लगभग 17 हजार निष्क्रिय बीपीएल उपभोक्ता, 20 हजार निष्क्रिय घरेलू उपभोक्ता और करीब 8.5 हजार निष्क्रिय कृषि उपभोक्ता इस योजना से सीधे लाभान्वित होंगे।
इसके साथ ही संभाग के सक्रिय उपभोक्ताओं के लिए भी राहत के रास्ते खोले गए हैं। आंकड़ों के अनुसार लगभग 1.67 लाख चालू बीपीएल उपभोक्ता, 92 हजार चालू घरेलू उपभोक्ता और लगभग 9.5 हजार चालू कृषि उपभोक्ता इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले इन उपभोक्ताओं के लिए यह योजना किसी बड़ी राहत से कम नहीं मानी जा रही है।
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार यह योजना आज से प्रभावी होकर 30 जून 2026 तक संचालित की जाएगी। योजना के तहत विशेष रूप से उन निष्क्रिय उपभोक्ताओं को लाभ दिया जाएगा जिनके बिजली कनेक्शन 31 मार्च 2023 से पहले काट दिए गए हैं।
योजना के तहत बीपीएल उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि में 75 प्रतिशत तक की छूट और सरचार्ज पूरी तरह माफ किया जाएगा। वहीं सामान्य घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को मूल राशि में 50 प्रतिशत तक की राहत के साथ पूरा अधिभार माफ करने का प्रावधान रखा गया है।
सक्रिय उपभोक्ताओं को भी राहत देते हुए सरकार ने एकमुश्त भुगतान करने पर मूल राशि में 10 प्रतिशत अतिरिक्त छूट देने की घोषणा की है, साथ ही पूरा अधिभार भी माफ रहेगा। इसके अलावा उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए तीन और छह किस्तों में भुगतान का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है, जिसमें भुगतान अवधि के दौरान कोई नया अधिभार नहीं जोड़ा जाएगा।
योजना का लाभ लेने के लिए पात्र उपभोक्ताओं को पंजीकरण कराना होगा और कुल बकाया राशि का कम से कम 10 प्रतिशत अग्रिम जमा करना अनिवार्य होगा। योजना को सफल बनाने के लिए बिजली विभाग ने मीटर वाचकों को भी जिम्मेदारी दी है और सफल वसूली पर उन्हें प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान रखा गया है।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं को वर्षों पुराने बिजली बिलों से राहत दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है, जिससे विशेषकर बस्तर जैसे वनांचल क्षेत्रों के परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।




