बालेंगा एवं मारीगुड़ा में उल्लास नव साक्षर कार्यक्रम की शिक्षा गुणवत्ता का निरीक्षण

बस्तर। बस्तर विकास खंड अंतर्गत माध्यमिक एवं प्राथमिक शाला बड़ेपारा बालेंगा तथा प्राथमिक शाला मारीगुड़ा में संचालित उल्लास नव साक्षर कार्यक्रम की शिक्षा गुणवत्ता का निरीक्षण करने दिल्ली से आई टीम ने दौरा किया। टीम के आगमन पर विद्यालय परिसर में बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया गया।
निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में नव साक्षर उपस्थित रहे। दिल्ली टीम ने कक्षा संचालन का सूक्ष्म अवलोकन किया तथा वॉलिंटियर खेमेश्वरी एवं तुलसी द्वारा प्रस्तुत डेमो क्लास को सराहनीय बताते हुए प्रशंसा की। नव साक्षरों द्वारा विभिन्न विषयों से संबंधित पूछे गए प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर दिए जाने पर टीम के सदस्य अत्यंत प्रसन्न एवं प्रभावित नजर आए।
इस अवसर पर सहायक खंड शिक्षा अधिकारी सुशील कुमार तिवारी ने उल्लास केंद्र में संचालित कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए इसके शैक्षणिक एवं सामाजिक लाभों की जानकारी दी। साथ ही नव साक्षरों को निरंतर आगे बढ़ाने हेतु किए जा रहे प्रयासों से भी टीम को अवगत कराया। कार्यक्रम का आयोजन एवं संचालन उनके मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में संकुल प्रभारी नंदिता अंगोले, मंमलू राम कश्यप, सीएसी लखेश्वर बिसाई, दीपक कुंजाम, अल्का पांडे, प्रधानाध्यापक राजेंद्र वैष्णव, शंकुलाल जमदारें, सोमारी कौशल, कांति मरकाम, रजत सिंगरौल, विष्णु चक्रधारी, सरपंच बालेंगा, पंच छेदीलाल बघेल सहित संकुल के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएँ, वरिष्ठ नागरिकगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
निरीक्षण के समापन अवसर पर दिल्ली टीम के सदस्यों ने उल्लास नव साक्षर कार्यक्रम को समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं, बच्चों एवं कार्यक्रम से जुड़े नव साक्षरों को उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।




