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अन्नपूर्णा मुहिम : नगरनार के जरूरतमंद परिवार को फिर मिली मदद

संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों ने दूसरी बार पहुँचाई खाद्य सामग्री

जगदलपुर,नगरनार । मानव सेवा को सर्वोच्च मानने वाली अन्नपूर्णा मुहिम के तहत नगरनार क्षेत्र के एक जरूरतमंद परिवार को दूसरी बार फिर सहायता प्रदान की गई। संत रामपाल जी महाराज की प्रेरणा से सेवादारों ने पहले भी इस परिवार की मदद की थी। उनकी कठिन परिस्थिति जारी रहने पर राहत सामग्री पुनः उपलब्ध कराई गई।

परिवार की बदहाल स्थिति को देखते हुए दोबारा मदद

विधवा लखमी बघेल अपने चार बच्चों के साथ अत्यंत कठिन हालात में जीवन यापन कर रही हैं। पति के निधन के बाद परिवार के पास आय का स्थायी स्रोत नहीं बचा। बच्चों की देखभाल के कारण नियमित मजदूरी भी नहीं कर पातीं।

पहले चरण में मिली सहायता के बावजूद स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी रही, जिसके बाद अन्नपूर्णा मुहिम की टीम द्वारा तुरंत दूसरी बार मदद पहुँचाने का फैसला लिया गया।

सेवादारों ने पहुँचाई यह सामग्री

इस बार परिवार को जीवन-निर्वाह के लिए आवश्यक वस्तुएँ उपलब्ध कराई गईं—

चावल – 20 किलो

आलू – 5 किलो

प्याज – 5 किलो

शक्कर – 4 किलो

दूध पाउडर – 1 किलो

नमक – 1 किलो

तेल – 2 लीटर

हल्दी, मिर्ची, धनिया, जीरा

चने की दाल, मूंग दाल

चायपत्ती

नहाने का साबुन – 4

कपड़े धोने का साबुन – 4

निरमा – 1/2 किलो

यह सामग्री परिवार के लिए बड़ी राहत लेकर आई।

परिवार की प्रतिक्रिया

मदद प्राप्त होने पर लखमी बघेल ने कहा—

> “पहली बार भी बहुत सहारा मिला था, और आज दोबारा सहायता मिलने से ऐसा लग रहा है कि हम अकेले नहीं हैं। संत रामपाल जी महाराज जी के सेवादारों का दिल से धन्यवाद।”

सेवा का समन्वय

गनपत सेठिया (अलनार), जगदीश दास (जगदलपुर),
रामचंद्र नाग (कुम्हली), पाकलु (जीरागांव),
दिनेश नाग (मावलीपदर), जयपाल सेठिया (अलनार)

अन्नपूर्णा मुहिम का उद्देश्य

अन्नपूर्णा मुहिम केवल खाद्य सामग्री देने तक सीमित नहीं —
इसका संदेश है करुणा, भाईचारा और मानवता।

संत रामपाल जी महाराज का संदेश—

> “सच्ची भक्ति वही है जो मानव सेवा के रूप में प्रकट हो।”

दूसरी बार की गई यह सेवा यह साबित करती है कि जब समाज में मानवता जीवित रहती है, तो कोई भी परिवार अकेला नहीं रहता।

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