नुआखाई पर्व पर बकावड़ में उमड़ी खुशियाँ, सरपंच-पंचगण ने दी शुभकामनाएँ

बकावंड 31 अगस्त 2025,बकावड़ मुख्यालय के ग्राम पंचायत बकावड़ में नुआखाई पर्व इस वर्ष भी पारंपरिक उल्लास और सांस्कृतिक रंगों के साथ मनाया गया। मौके पर सरपंच और पंचगणों ने समस्त ग्रामीणों को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा—
“नुआखाई किसानों के प्रति हमारी कृतज्ञता का प्रतीक है। उनकी मेहनत ही हम सभी का भरण-पोषण करती है। इस पावन अवसर पर हर घर में उत्तम स्वास्थ्य, समृद्धि और खुशियाँ हों। नुआखाई जुहार!”
ग्रामीणों ने भी उत्सव की बधाई देते हुए नुआखाई को बस्तर की समृद्ध कृषि परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि नुआखाई केवल फसल का त्योहार नहीं बल्कि यह समुदायों के बीच सद्भाव, भाईचारे और सांस्कृतिक एकता को भी बढ़ावा देता है।
इस पर्व पर किसानों ने नई फसल का पहला अंश देवता को अर्पित किया और उसके बाद सभी ने मिलकर सामूहिक भोज, गीत-संगीत और पारंपरिक नृत्यों के साथ उत्सव मनाया। गणेश चतुर्थी के एक दिन बाद मनाए जाने वाला यह पर्व पूरे बकावड़ में हर्षोल्लास का केंद्र बना।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ग्राम के पुजारी वीरेंद्र कश्यप, शंकर कश्यप, रायधर, जयसेन कश्यप, चेतन कश्यप सहित अनेक ग्रामीण—सुकराम, ईदेश, टुटी, गणेश खगेश्वर, पूरन जगन्नाथ, चेचमन, विगने संकर शामिल हुए।
वहीं पंचायत प्रतिनिधियों में जयंती, हेमधर कश्यप, बसंती, खगेश्वर, कुमारी ठाकुर, पदमन निषाद, जगन्नाथ कश्यप, महादेई, रुकनी, संकर, चंपी सहित सरपंच, उपसरपंच, पंचगण एवं वरिष्ठ नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
🎉 पूरे दिन चले इस उत्सव ने ग्रामवासियों को एक सूत्र में बांध दिया। नृत्य, गीत और पारंपरिक व्यंजनों के साथ मनाया गया नुआखाई पर्व आने वाले दिनों में बेहतर फसल, खुशहाली और एकता का संदेश देता रहा।




