छत्तीसगढ़ में शॉप एंड एस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2017 लागू, अब LIN लेना अनिवार्य – जानें नई व्यवस्था और शुल्क

रायपुर, 14 अगस्त 2025 — छत्तीसगढ़ में फरवरी 2025 से शॉप एंड एस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2017 (दुकान एवं स्थापना अधिनियम 2017) लागू हो गया है। इसके साथ ही वर्ष 1958 का पुराना अधिनियम समाप्त हो गया है। नए नियमों के तहत जिन संस्थानों में 10 या अधिक कर्मचारी हैं, उनके लिए लेबर आइडेंटिफिकेशन नंबर (LIN) लेना अनिवार्य कर दिया गया है। पहले नगर निगम से ‘गुमास्ता’ लाइसेंस जारी होता था, लेकिन अब LIN श्रम विभाग से ऑनलाइन जारी होगा। वहीं, 10 से कम कर्मचारियों वाले संस्थानों को LIN या गुमास्ता लेने की जरूरत नहीं होगी।
कर्मचारियों के हित में नए प्रावधान
नए एक्ट में कर्मचारी कल्याण को प्राथमिकता दी गई है। नियोक्ता अब किसी कर्मचारी से अधिकतम 9 घंटे प्रतिदिन काम ले सकते हैं, जिसमें 1 घंटे का लंच ब्रेक अनिवार्य होगा और सप्ताह में एक दिन अवकाश देना होगा।
ओवरटाइम – प्रतिदिन अधिकतम 12 घंटे, 3 महीने में 125 घंटे से अधिक नहीं।
ओवरटाइम भुगतान – डबल रेट पर अनिवार्य।
छुट्टी के दिन काम कराने पर, 30 दिनों के भीतर छुट्टी देना और डबल पेमेंट करना होगा।
नए प्रावधानों के तहत पंजीकरण के बाद संस्थान को LIN अलॉट होगा और इसे GST नंबर की तरह साइन बोर्ड पर लिखना जरूरी होगा। अब दुकानें हफ्ते के 7 दिन और 24 घंटे खुली रह सकती हैं, लेकिन कर्मचारियों के कार्य समय की सीमा तय रहेगी।
कहां लागू नहीं होगा एक्ट
यह एक्ट एनजीओ (जो वृद्धाश्रम, अनाथाश्रम, नशामुक्ति केंद्र चलाते हैं), अस्पतालों और क्लीनिक पर अनिवार्य नहीं होगा। LIN की जरूरत सरकारी संस्थानों को छोड़कर ज्यादातर कॉर्पोरेट, होटल-रेस्तरां, गोदाम और 10 या अधिक कर्मचारियों वाले ऑफिस में होगी। 8 कर्मचारी, 1 सुपरवाइजर और 1 मैनेजर वाले संस्थानों को भी LIN से छूट रहेगी।
लेट फीस और शुल्क संरचना
13 अगस्त 2025 के बाद पंजीकरण कराने पर 25% लेट फीस लगेगी। शुल्क कर्मचारियों की संख्या के अनुसार इस प्रकार है –
10 से 50 कर्मचारी – ₹1,000
51 से 100 कर्मचारी – ₹3,000
101 से 200 कर्मचारी – ₹5,000
201 से 500 कर्मचारी – ₹7,000
500 से अधिक कर्मचारी – ₹10,000
नए कानून के तहत समय पर पंजीकरण और नियमों के पालन पर जोर दिया गया है, ताकि कर्मचारी-अधिकार सुरक्षित रहें और व्यवसाय संचालन में पारदर्शिता बनी रहे।




