“भारत बनेगा ग्लोबल क्रिएटिव सुपरपावर: वेव्स 2025 से युवाओं को मिलेगा नया मंच, रचनात्मकता और तकनीक के संगम से लिखेगा नया इतिहास”

“केंद्रीय सुचना एवं प्रसारण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन”
भारत ने सदैव कहानी कहने की कला में उत्कृष्टता हासिल की है। रामायण और महाभारत जैसे कालातीत महाकाव्यों ने पीढ़ियों से लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया है। हमारी कथाएं इन महागाथाओं से आगे बढ़ते हुए सांस्कृतिक आधारशिला के रूप में कार्य करती हैं और यह निर्धारित करती हैं कि हम दुनिया को किस दृष्टि से देखते हैं तथा किस प्रकार रचनात्मकता व्यक्त करते हैं। यह कहानी कहने का उत्साह एक सशक्त रचनात्मक आकांक्षा में विकसित हो चुका है, जो आज भारत को वैश्विक मीडिया पावरहाउस के रूप में स्थापित करने में सहायक हो रहा है।
भारत ने सदैव कहानी कहने की कला में उत्कृष्टता हासिल की है। रामायण और महाभारत जैसे कालातीत महाकाव्यों ने पीढ़ियों से लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया है। हमारी कथाएं इन महागाथाओं से आगे बढ़ते हुए सांस्कृतिक आधारशिला के रूप में कार्य करती हैं और यह निर्धारित करती हैं कि हम दुनिया को किस दृष्टि से देखते हैं तथा किस प्रकार रचनात्मकता व्यक्त करते हैं। यह कहानी कहने का उत्साह एक सशक्त रचनात्मक आकांक्षा में विकसित हो चुका है, जो आज भारत को वैश्विक मीडिया पावरहाउस के रूप में स्थापित करने में सहायक हो रहा है।
1 से 4 मई 2025 तक आयोजित होने वाला प्रथम विश्व श्रव्य-दृश्य मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) भारत को वैश्विक रचनात्मकता के केंद्र में स्थापित करेगा। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संकल्पित, वेव्स एक परिवर्तनकारी आंदोलन है, जो मीडिया एवं मनोरंजन (एमएंडई) के परिदृश्य को पुनर्परिभाषित करेगा। 2.7 ट्रिलियन रुपये के करीब पहुंच चुका भारत का मीडिया एवं मनोरंजन उद्योग, वेव्स 2025 के माध्यम से रचनात्मकता, नवाचार और उद्यमिता में भारत के अग्रणी बनने के संकल्प का परिचायक है।
भारत का विषय निर्माण परिदृश्य अब पारंपरिक मीडिया से आगे बढ़कर एक संपन्न डिजिटल-प्रथम इकोसिस्टम में परिवर्तित हो चुका है। स्ट्रीमिंग सेवाओं, सोशल मीडिया और उभरती प्रौद्योगिकियों के माध्यम से यह वैश्विक संपर्क का भी विस्तार कर रहा है। विदेशी फिल्म निर्माण के लिए प्रोत्साहन, सह-निर्माण समझौते और फिल्म सुविधा कार्यालय (एफएफओ) जैसी सरकारी पहलें भारत को वैश्विक रचनाकारों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित कर रही हैं।
मीडिया और मनोरंजन का बदलता परिदृश्य
वेव्स 2025 भारत के मीडिया और मनोरंजन उद्योग के एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है। यह शिखर सम्मेलन दुनिया भर के नवोन्मेषकों, नीति निर्माताओं, कलाकारों और उद्योग प्रमुखों को एक साथ लाकर सहयोग का वातावरण निर्मित करेगा और मनोरंजन के निर्माण, वितरण एवं अनुभव को एक नया स्वरूप प्रदान करेगा।
इस परिवर्तन के केंद्र में वेवैक्स 2025 और वेव्स बाज़ार जैसी पहलें हैं। वेवैक्स 2025 गेमिंग, एनीमेशन, एक्सटेंडेड रियलिटी (XR), जनरेटिव एआई और अगली पीढ़ी के कंटेंट प्लेटफॉर्म पर कार्य कर रहे स्टार्टअप्स को सशक्त बनाने के लिए समर्पित है। यह मंच स्टार्टअप्स को अपने विचार प्रदर्शित करने, मेंटरशिप प्राप्त करने और उद्यम पूंजी निवेशकों एवं सेलिब्रिटी एंजेल निवेशकों से फंडिंग हासिल करने का अवसर प्रदान करेगा।
दूसरी ओर, वेव्स बाजार एक गतिशील ई-मार्केटप्लेस के रूप में कार्य करेगा, जो 5,500 से अधिक खरीदारों, 2,000 विक्रेताओं और फिल्म, टेलीविजन, गेमिंग, विज्ञापन समेत 1,000 से अधिक पंजीकृत परियोजनाओं को जोड़ते हुए सहज सहयोग और अवसरों की खोज को बढ़ावा देगा। एआई-संचालित मैचमेकिंग यह सुनिश्चित करेगी कि परियोजनाओं और पेशेवरों के बीच सही कनेक्शन हो, जिससे नवाचार और रचनात्मक अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिलेगा।
ये प्लेटफॉर्म केवल कार्यक्रम तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वेव्स के समापन के बाद भी भारतीय मीडिया और मनोरंजन उद्योग को प्रभावित करते रहेंगे। यह भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध होगा।
युवाओं के लिए स्वर्णिम मंच
भारत के युवा — जो हमारा सबसे बड़ा जनसांख्यिकीय लाभ हैं — वेव्स पहल से विशेष रूप से लाभान्वित होंगे। 29 वर्ष की औसत आयु के साथ, भारत न केवल दुनिया का सबसे युवा देश है, बल्कि रचनात्मकता और नवाचार में भी सबसे जीवंत राष्ट्र है। वेव्स 2025 युवाओं को केंद्र में रखकर कौशल विकास, उद्यमिता और वैश्विक सहयोग के लिए अवसरों के द्वार खोलेगा।
क्रिएट इन इंडिया चैलेंज इसका एक उदाहरण है। लगभग 1,00,000 पंजीकरणों और 1,100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों के साथ, इस चुनौती ने रचनात्मकता के इच्छुक प्रतिभागियों का एक विविध समूह आकर्षित किया है। क्रिएटोस्फीयर का हिस्सा बनने वाले अंतिम प्रतिभागियों को उद्योग के दिग्गजों से जुड़ने, मास्टरक्लास में भाग लेने और वैश्विक प्रदर्शन हासिल करने के सुनहरे अवसर मिलेंगे।
इसके अतिरिक्त, मुंबई में भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (IICT) की स्थापना भारत के युवाओं के भविष्य में एक महत्वपूर्ण निवेश है। उत्कृष्टता के एक वैश्विक केंद्र के रूप में, IICT कौशल विकास और नवाचार को बढ़ावा देगा और रचनात्मकता तथा प्रौद्योगिकी के बीच की दूरी को कम करेगा, जिससे युवा भारतीयों को मीडिया और मनोरंजन उद्योग की मांगों को पूरा करने के लिए विशेषज्ञता हासिल होगी।
सतत विकास के लिए वैश्विक सहयोग
शिखर सम्मेलन के दौरान वैश्विक मीडिया संवाद का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें दुनिया भर के प्रमुख, नीति निर्माता, कलाकार और उद्योग पेशेवर भाग लेंगे। यह संवाद चर्चाओं से आगे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय सहयोग, नैतिक कार्य प्रणालियों और नवाचार रणनीतियों के विकास पर केंद्रित रहेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वैश्विक मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और उद्योग हितधारकों के साथ निर्धारित संवाद से प्रभावशाली साझेदारियों के प्रारंभ होने की आशा है, जो आने वाले वर्षों में भारत को बहुपक्षीय लाभ प्रदान करेंगी।
विकसित भारत के लिए दृष्टिकोण
वेव्स 2025 केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि विकसित भारत के दृष्टिकोण को具ाकार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। विविधता को बढ़ावा देते हुए, प्रौद्योगिकी को सशक्त करते हुए और युवाओं को प्रेरित करते हुए, यह भारत को रचनात्मक अर्थव्यवस्था के एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।
वेव्स 2025 रचनात्मक उद्योग की अनंत संभावनाओं का उत्सव है — एक ऐसा मंच जहां भारत अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा, तकनीकी कौशल और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रदर्शन करेगा। यह परंपरा और प्रौद्योगिकी के संगम के माध्यम से वैश्विक रचनात्मक इकोसिस्टम को पुनर्परिभाषित करने के भारत के दृष्टिकोण का भी प्रमाण है।
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