74 दिव्यांग विद्यार्थियों का सहायक उपकरणों के लिए हुआ चिन्हांकन

बस्तर और बकावंड विकासखंड के 126 दिव्यांग विद्यार्थियों का हुआ परीक्षण एवं पंजीयन, विशेषज्ञों की मेडिकल टीम ने किया स्वास्थ्य परीक्षण
बस्तर 04 नवम्बर 2026
समग्र शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 4 नवंबर 2026 को विकासखंड बस्तर एवं बकावंड के दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए बीआरसी कार्यालय बस्तर में आकलन एवं मूल्यांकन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 126 दिव्यांग विद्यार्थियों का परीक्षण एवं पंजीयन किया गया। इनमें से विशेषज्ञों की टीम ने 74 विद्यार्थियों का परीक्षण कर उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए चिन्हांकन एवं माप लिया।समग्र शिक्षा के संचालक एवं कलेक्टर आकाश चिकारा तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय खन्ना के दिशा-निर्देशानुसार आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग विद्यार्थियों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना तथा उनकी शारीरिक आवश्यकताओं के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराना था।
समग्र शिक्षा के संचालक एवं कलेक्टर आकाश चिकारा तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय खन्ना के दिशा-निर्देशानुसार आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग विद्यार्थियों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना तथा उनकी शारीरिक आवश्यकताओं के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराना था।
शिविर में जिला चिकित्सालय की मेडिकल बोर्ड के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा दिव्यांग विद्यार्थियों का परीक्षण किया गया। इस दौरान पात्र विद्यार्थियों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया भी पूरी की गई। मेडिकल बोर्ड में अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. लखन ठाकुर, नाक-कान-गला विशेषज्ञ डॉ. नवदीप सिंह, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राज, मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. रुखसार खान एवं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सरिता थॉमस सहित ऑडियोलॉजिस्ट श्री साहू ने अपनी सेवाएं दीं।
इसके साथ ही समाज कल्याण विभाग के सहयोग से श्री श्याम सुंदर एवं उनकी टीम द्वारा दिव्यांग विद्यार्थियों के प्रमाण पत्र एवं यूडीआईडी (UDID) कार्ड बनाने की प्रक्रिया में सहयोग किया गया।
एक ही स्थान पर मिलीं सभी सुविधाएं
शिविर की विशेष उपलब्धि यह रही कि दिव्यांग विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को अलग-अलग विशेषज्ञ चिकित्सकों से मिलने अथवा प्रमाण पत्र बनवाने के लिए विभिन्न कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। एक ही स्थान पर मेडिकल परीक्षण, आवश्यक मूल्यांकन एवं प्रमाण पत्र संबंधी प्रक्रियाएं पूरी होने से अभिभावकों को काफी सुविधा मिली। इस व्यवस्था से अभिभावकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आयोजन की सराहना की।
यह पहल दिव्यांग विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने, उनकी आवश्यकताओं की पहचान करने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आकलन शिविर के द्वितीय चरण में चिन्हित किए गए दिव्यांग विद्यार्थियों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण वितरित किए जाएंगे।
आयोजन में इनका रहा सराहनीय योगदान
शिविर के सफल आयोजन में जिला मिशन समन्वयक अशोक पांडे, समावेशी शिक्षा प्रभारी राजेश त्यागी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी भारती देवांगन, विकासखंड स्रोत समन्वयक अजम्बर कोरराम, विकासखंड बकावंड के बीआरसी चंद्रशेखर नायडू, सत्यप्रकाश साहू, अर्जुन कश्यप, नीलम यादव सहित अन्य सहयोगियों का सराहनीय योगदान रहा।
दिव्यांग बच्चों को केवल शिक्षा से जोड़ना ही नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर अवसर, आवश्यक संसाधन और आत्मनिर्भर बनने का संबल देना भी जरूरी है। बस्तर में आयोजित यह आकलन शिविर इसी दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुआ है। अब दूसरे चरण में सहायक उपकरणों के वितरण से चिन्हित विद्यार्थियों को पढ़ाई और दैनिक गतिविधियों में और अधिक सुविधा मिलेगी। निश्चित ही, ऐसे प्रयास दिव्यांग बच्चों के जीवन को सुगम बनाने के साथ उनके उज्ज्वल भविष्य की राह भी मजबूत करेंगे।




