⏺️ बस्तर में शिक्षा व्यवस्था बदहाल: दो महीने बीतने के बाद भी नहीं मिली किताबें, विधायक लखेश्वर बघेल ने सरकार पर साधा निशाना

“बच्चों से छीना जा रहा उनका शिक्षा का अधिकार, 10 दिन में सुधार नहीं हुआ तो होगा जन आंदोलन”
बस्तर, 21 जुलाई 2025 –
बस्तर जिले में शासकीय स्कूलों में किताबों की भारी किल्लत को लेकर शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन जिले के अधिकांश स्कूलों में अब तक छात्रों को पूरी किताबें नहीं मिल पाई हैं। इससे छात्रों के साथ-साथ अभिभावकों और शिक्षकों में भी गहरी नाराजगी है।
इस गंभीर स्थिति को लेकर बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने भाजपा सरकार और जिला प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा, “सरकार शिक्षा के अधिकार की बात तो करती है, लेकिन बच्चों को उनका हक नहीं मिल रहा। ये सिर्फ प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ किया जा रहा खुला खिलवाड़ है।”
📘 6वीं से 8वीं तक की कक्षाओं में किताबों की भारी कमी
विधायक बघेल ने बताया कि कक्षा 6वीं में कुछ विषयों की ही किताबें पहुंची हैं, कक्षा 7वीं में अब तक एक भी किताब नहीं पहुंची और कक्षा 8वीं की स्थिति भी बेहद चिंताजनक है। छात्रों को कई विषयों की पुस्तकें नहीं मिलीं, जिससे पढ़ाई गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है।
📢 सरकार से मांगा जवाब, 10 दिन का दिया अल्टीमेटम
लखेश्वर बघेल ने सरकार से सवाल किया कि हर साल किताब वितरण को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट क्यों होती है? उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर सभी स्कूलों में किताबें नहीं पहुंचाई गईं, तो वे जन आंदोलन करेंगे।
🗣️ “पुराने नोट्स और मौखिक पढ़ाई कोई स्थायी समाधान नहीं”
शिक्षकों द्वारा बच्चों को पुराने नोट्स और मौखिक पद्धति से पढ़ाया जा रहा है, लेकिन विधायक ने कहा कि यह अस्थायी और अपूर्ण समाधान है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि बच्चों को जल्द से जल्द किताबें उपलब्ध कराई जाएं।
यह मामला न केवल बस्तर जिले बल्कि पूरे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है और प्रशासन से शीघ्र सुधार की अपेक्षा रखता है।




