बस्तर में बाढ़ प्रभावित किसानों का 6 दिन का अल्टीमेटम: कर्जमाफी और मुआवजा बढ़ाने की मांग, आंदोलन की चेतावनी

बस्तर,14 अक्टूबर 2026
इंद्रावती और नारंगी नदी की बाढ़ व अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों की समस्याओं को लेकर बुधवार को ग्रामीणों ने तहसीलदार बस्तर के माध्यम से मुख्यमंत्री, कलेक्टर और एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। बोदरा, भैंसगांव, खोटलापाल और रोतमा के ग्रामीणों ने मांगों पर कार्रवाई के लिए छह दिन का अल्टीमेटम दिया है। निर्धारित समयसीमा में ठोस पहल नहीं होने पर ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
ज्ञापन में बाढ़ से फसलों, कृषि भूमि और मकानों को हुए नुकसान का उल्लेख करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में स्थलीय सर्वे कराने और आरबीसी 6-4 के तहत पात्र किसानों को मुआवजा देने की मांग की गई है। इसके अलावा फसल बीमा से वंचित किसानों को विशेष राहत देने और कृषि ऋण माफी की मांग भी रखी गई है।
ग्रामीणों ने मकान क्षति पर मिलने वाली सहायता राशि बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए सहायता 6 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये और पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 1.30 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये की जाए।
किसानों ने प्रशासन से छह दिनों के भीतर सर्वे की प्रगति, पात्र हितग्राहियों की सूची और राहत राशि वितरण की समयसीमा स्पष्ट करने की मांग की है।
तहसीलदार बोले—त्रुटियां सुधारकर जारी की गई राशि
तहसीलदार बस्तर ने बताया कि बाढ़ प्रभावित किसानों का सर्वे कर मुआवजा राशि उनके बैंक खातों में जमा कर दी गई है। खाता संबंधी और अन्य त्रुटियों के कारण कुछ लोगों को राशि नहीं मिल पाई थी। उन्होंने कहा कि त्रुटियों में सुधार कर संबंधित लोगों की राशि भी जारी कर दी गई है। ग्रामीणों की अन्य मांगों से शासन को अवगत कराया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला, जनपद पंचायत सदस्य चईत राम कश्यप, सरपंच कचरु कश्यप, मदन बघेल, नरसिंह बघेल और बलराम भारद्वाज सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। अब किसानों की मांगों पर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।




