बस्तर में बाढ़ का अलर्ट: इंद्रावती नदी का तेजी से बढ़ रहा जलस्तर, 43 गांवों पर खतरा; कई पुल सुबह तक हो सकते हैं बंद

जगदलपुर, 24 सितंबर 2026
बस्तर में लगातार हो रही बारिश के बीच इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। ओडिशा के कालाहांडी जिले स्थित खाटीगुड़ा इंद्रावती बांध का एक गेट खोले जाने के बाद अगले कुछ घंटों में नदी का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है।
स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में मुनादी शुरू करा दी है। राजस्व विभाग के साथ SDRF को भी अलर्ट कर दिया गया है। मौसम विभाग के अनुसार बस्तर में अगले 48 घंटों तक बारिश की संभावना है, ऐसे में नदी-नालों के जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है।
प्रशासन के अनुसार इंद्रावती नदी का वार्निंग लेवल 7 मीटर और डेंजर लेवल 8.3 मीटर निर्धारित है। वर्तमान में नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जलस्तर में अधिक वृद्धि होने पर इंद्रावती नदी से जुड़े 43 गांव प्रभावित होने की आशंका है।
बकावंड ब्लॉक में कई पुलों पर बढ़ा खतरा
बकावंड ब्लॉक के मालगांव, उलनार, छेड़ागुड़ा, तारापुर और नेगानार के गेंघरामुंडा समेत आसपास के इलाकों में पानी तेजी से बढ़ रहा है। स्थानीय जानकारी के अनुसार गेंघरामुंडा सहित कुछ पुलों पर पानी बढ़ने के कारण सुबह तक आवागमन बंद होने की स्थिति बन सकती है।
हालांकि, अभी पुल बंद नहीं हुए हैं, लेकिन पानी लगातार बढ़ रहा है और स्थिति तेजी से बदल रही है। जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो आने वाले कुछ घंटों में इन पुलों पर आवागमन प्रभावित हो सकता है।
इन तहसीलों के गांवों पर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा
बकावंड तहसील: तारापुर, बनियागांव, बजावंड, बेलगांव, उलनार, कोहकापाल, मालगांव, टंलनार, धोबीगुड़ा, चितालूर, कुरूसपाल और कावापाल प्रभावित हो सकते हैं।
जगदलपुर तहसील: धनपुंजी, नगरनार, भेजापदर, नदीबोड़ना, उपनपाल, आसना, छेपड़ागुड़ा, कालीपुर, घाटपदमुर, कुम्हरावंड, बालीकोन्टा, तुरेनार, कलचा और जगदलपुर शहर में बाढ़ का असर पड़ सकता है।
लोहण्डीगुड़ा तहसील: मारडूम, टाकरागुड़ा, बड़ांजी, कुम्हलीज, बेनीधाराऊर, चित्रकोट, चंदेला और ककनार संभावित प्रभावित क्षेत्र हैं।
बस्तर तहसील: बड़ेचकवा, पटेलपारा, पल्लारी, खोटलापाल और बड़ेअलिनार में असर पड़ सकता है।
दरभा तहसील: छिंदगुर और कोलेंग प्रभावित हो सकते हैं।
बास्तानार तहसील: बड़े काकलूर (कुहचेवाक) को भी संभावित प्रभावित गांवों में शामिल किया गया है।
नारंगी नदी पर भी प्रशासन की नजर
इंद्रावती के साथ नारंगी नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर भी प्रशासन सतर्क है। नारंगी नदी में बाढ़ की स्थिति बनने पर पालाबहार, बड़ेआमाबाल, कोहकासिवनी, मुण्डागांव, भैसगांव, मधोता, बाकेल, राजपुर, रोतमा, चितलवार, खोटलापारा, बड़ेचकवा, सिवनी, नारायणपाल, घोटिया और बोदरा सहित कई गांव प्रभावित हो सकते हैं।
गांवों में मुनादी, SDRF और राजस्व विभाग अलर्ट
लगातार बारिश और बांध से पानी छोड़े जाने की स्थिति को देखते हुए नदी किनारे बसे गांवों में ग्रामीणों को सतर्क रहने की सूचना दी जा रही है। कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराकर लोगों को नदी के बढ़ते जलस्तर से सावधान किया जा रहा है।
प्रशासन ने राजस्व विभाग और SDRF को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। अगले 48 घंटे बस्तर के लिए महत्वपूर्ण हैं। बारिश के साथ इंद्रावती और आसपास की नदियों का जलस्तर बढ़ने पर निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है। फिलहाल कई स्थानों पर पानी तेजी से बढ़ रहा है और पुलों पर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।




