छत्तीसगढ़ में आयुष्मान योजना को लेकर सवाल: सिजेरियन डिलीवरी समेत कई जरूरी गायनी इलाज निजी अस्पतालों में नहीं हो रहे कवर

रायपुर,23 सितम्बर 2026
छत्तीसगढ़ में महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावों के बीच आयुष्मान योजना के तहत कई जरूरी गायनी उपचारों का लाभ निजी अस्पतालों में नहीं मिलने की बात सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, सिजेरियन डिलीवरी, गर्भाशय से जुड़ी कई सर्जरी, अंडाशय और फैलोपियन ट्यूब की सर्जरी, एमटीपी तथा सर्वाइकल कैंसर की जांच जैसी कई सेवाएं निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड से कवर नहीं हो रही हैं।
आयुष्मान कार्ड लेकर निजी अस्पताल पहुंचने वाली महिला को यदि इन उपचारों की आवश्यकता होती है, तो उसे सरकारी अस्पताल भेजा जा सकता है या निजी अस्पताल में इलाज कराने पर खुद खर्च उठाना पड़ सकता है। इससे विशेष रूप से आयुष्मान योजना पर निर्भर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सामने अतिरिक्त आर्थिक चुनौती खड़ी हो सकती है।
सिजेरियन डिलीवरी समेत प्रसव संबंधी सुविधाओं पर सवाल
रिपोर्ट के अनुसार, निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत सिजेरियन डिलीवरी का लाभ नहीं मिल रहा है। इसके अलावा सामान्य प्रसव, ब्रीच डिलीवरी, वैक्यूम और फोरसेप डिलीवरी जैसी प्रसव संबंधी सुविधाओं को लेकर भी योजना के तहत लाभ नहीं मिलने की बात कही गई है।
गर्भावस्था और प्रसव महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण चरण हैं। ऐसे में योजना के दायरे को लेकर सामने आई यह स्थिति आर्थिक रूप से कमजोर गर्भवती महिलाओं के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।
गर्भाशय की बीमारियों में कई सर्जरी शामिल नहीं
महिलाओं में गर्भाशय से जुड़ी बीमारियों के उपचार के लिए कई प्रकार की सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है। रिपोर्ट में निजी अस्पतालों में आयुष्मान के तहत एब्डामिनल हिस्टेरेक्टामी, साल्पिंगो-ओफोरेक्टामी, लैप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टामी (TLH), LAVH, नॉन-डिसेंट वेजाइनल हिस्टेरेक्टामी और रिपेयर के साथ वेजाइनल हिस्टेरेक्टामी जैसी प्रक्रियाओं का लाभ नहीं मिलने की बात कही गई है।
इसी तरह लैप्रोस्कोपिक साल्पिंगो-ओफोरेक्टामी तथा दोनों अंडाशय और फैलोपियन ट्यूब से संबंधित कुछ सर्जरी भी निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना से नहीं हो रही हैं।
सर्वाइकल कैंसर की जांच भी योजना से बाहर
रिपोर्ट के मुताबिक, सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती जांच के लिए महत्वपूर्ण पैप स्मीयर (PAP) और कोल्पोस्कोपी जैसी जांच भी निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत उपलब्ध नहीं हैं।
इसके अलावा वैजाइनोप्लास्टी, सिस्टोसील के लिए एंटीरियर रिपेयर और वुल्वो-वैजाइनल सिस्ट के उपचार जैसी प्रक्रियाओं को लेकर भी आयुष्मान कार्ड से भुगतान नहीं होने की बात सामने आई है।
एमटीपी के लिए भी निजी अस्पतालों में लाभ नहीं
मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) से संबंधित उपचार भी निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत कवर नहीं होने की बात रिपोर्ट में कही गई है। गर्भावस्था की अवधि के अनुसार इसके लिए अलग-अलग चिकित्सकीय प्रक्रियाओं की आवश्यकता हो सकती है, लेकिन निजी अस्पतालों में इनका खर्च कार्ड से कवर नहीं होने की स्थिति बताई गई है।
आयुष्मान कार्ड पर निर्भर महिलाओं के सामने चुनौती
महिलाओं के स्वास्थ्य में प्रसव, गर्भाशय की बीमारी, अंडाशय संबंधी समस्याएं, कैंसर की जांच और अन्य गायनी सर्जरी महत्वपूर्ण उपचार हैं। रिपोर्ट के अनुसार, निजी अस्पतालों में इन उपचारों के आयुष्मान योजना से बाहर होने की स्थिति से उन महिलाओं को परेशानी हो सकती है, जो इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड पर निर्भर हैं।




