नक्सल प्रभावित सुकमा के 50 ग्रामीण पहली बार ट्रेन से पहुंचे गुजरात, प्रधानमंत्री की मौजूदगी में राष्ट्रीय एकता परेड के बने साक्षी

बस्तर, 04 नवंबर 2026
बस्तर के जंगलों से निकलकर गुजरात के एकता नगर तक पहुंची सुकमा के 50 ग्रामीणों की यात्रा यादगार बन गई। जिले के अलग-अलग गांवों से पहुंचे ग्रामीणों ने पहली बार ट्रेन में सफर करने के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह और भव्य परेड को करीब से देखा। इस दौरान छत्तीसगढ़ पुलिस के DRG और STF जवानों की कदमताल देखकर ग्रामीणों ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया।
सुकमा जिले के 50 नागरिकों के इस दल के लिए गुजरात यात्रा कई मायनों में खास रही। इनमें बड़ी संख्या ऐसे ग्रामीणों की थी, जिन्होंने अपने जीवन में पहली बार ट्रेन से सफर किया। गांवों की परिचित सीमाओं से बाहर निकलकर लंबी रेल यात्रा करना, नए प्रदेश को देखना और राष्ट्रीय स्तर के भव्य समारोह में शामिल होना उनके लिए एक नया अनुभव रहा। ग्रामीणों ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का भी भ्रमण किया और गुजरात की संस्कृति तथा परिवेश से परिचित हुए।
राष्ट्रीय मंच पर अपने प्रदेश के जवानों को देखकर बढ़ाया उत्साह
एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के दौरान ग्रामीणों ने छत्तीसगढ़ पुलिस के उन जवानों को परेड में हिस्सा लेते देखा, जो बस्तर के चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में सुरक्षा और शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाते हैं। DRG और STF के जवानों की अनुशासित कदमताल ने ग्रामीणों को गौरवान्वित किया। अपने ही प्रदेश के जवानों को राष्ट्रीय मंच पर प्रतिनिधित्व करते देख उन्होंने तालियां बजाकर उनका मनोबल बढ़ाया।
पुलिस की पहल से ग्रामीणों को मिला देश देखने का अवसर
इस विशेष यात्रा का आयोजन पुलिस अधीक्षक सुकमा मयंक गुर्जर (भापुसे) के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज तिर्की के मार्गदर्शन में किया गया। उप पुलिस अधीक्षक सपन चौधरी के नेतृत्व में 50 सदस्यीय दल गुजरात पहुंचा। यात्रा के दौरान ग्रामीणों को राष्ट्रीय एकता समारोह में शामिल होने, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देखने और देश की विविधता को करीब से समझने का अवसर मिला।
वापसी पर एसपी ने पुष्पगुच्छ देकर किया स्वागत
गुजरात प्रवास से सुकमा लौटे सभी 50 नागरिकों का पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर ने अपने कार्यालय में आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने प्रत्येक सदस्य को पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया और यात्रा के अनुभव सुने। ग्रामीणों ने बताया कि पहली बार ट्रेन में बैठने से लेकर प्रधानमंत्री की मौजूदगी में राष्ट्रीय समारोह देखने तक की पूरी यात्रा उनके जीवन की अविस्मरणीय स्मृति बन गई है।
दल के सदस्यों ने इस विशेष अवसर के लिए सुकमा पुलिस और छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उनके लिए यह यात्रा केवल गुजरात भ्रमण नहीं, बल्कि अपने गांव से निकलकर देश की एकता, विविधता और राष्ट्रीय गौरव को करीब से देखने का यादगार अवसर बन गई।




