छत्तीसगढ़जगदलपुर

जगदलपुर के प्रवेश द्वार पर 2700 पौधों से बनेगा हरित कॉरिडोर

जगदलपुर,10 सितंबर 2026

जगदलपुर में ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ अभियान के तहत इंद्रावती से गोरिया बहार तक राष्ट्रीय राजमार्ग के डिवाइडर पर 2700 से अधिक पौधों का रोपण किया गया। जनजातीय गौरव वाटिका, कुम्हड़ाकोट के सामने आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल समेत जनप्रतिनिधि, अधिकारी, एनसीसी-एनएसएस कैडेट्स और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि नक्सलमुक्त बस्तर में पर्यटन की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। देश-दुनिया से बड़ी संख्या में पर्यटक बस्तर पहुंच रहे हैं। ऐसे में जगदलपुर को स्वच्छ, सुंदर, सुविधापूर्ण और पर्यावरण की दृष्टि से समृद्ध बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इंद्रावती से गोरिया बहार तक पौधरोपण की यह पहल आने वाले समय में शहर की तस्वीर बदलने वाली साबित होगी।

अरुण साव ने महापौर संजय पांडे के विजन और नगर विकास के प्रयासों की सराहना करते हुए विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं आने देने का भरोसा दिलाया।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि 2700 से अधिक पौधों का रोपण आने वाले समय में इस पूरे मार्ग को हरित कॉरिडोर का स्वरूप देगा। उन्होंने कहा कि बस्तर की पहचान उसकी प्राकृतिक संपदा, जंगलों और हरियाली से है। इसलिए विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी जरूरी है।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पौधरोपण को भारतीय परंपरा और प्रकृति संरक्षण से जोड़ते हुए युवाओं से सोशल मीडिया और रील्स के माध्यम से बस्तर को वैश्विक पर्यटन पटल पर पहचान दिलाने का आह्वान किया। उन्होंने संभाग में मजबूत हो रही स्वास्थ्य सुविधाओं की भी जानकारी दी।

महापौर संजय पांडे ने कहा कि हरियाली के बिना शहर का विकास अधूरा है। नगर निगम का विजन केवल सड़क, नाली और भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि जगदलपुर को स्वच्छ, सुंदर और हरित शहर के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि इंद्रावती से गोरिया बहार तक लगाए गए पौधे भविष्य में राष्ट्रीय राजमार्ग को आकर्षक हरित कॉरिडोर का स्वरूप देंगे।

उन्होंने कहा कि नक्सलमुक्त बस्तर में पर्यटन के नए द्वार खुले हैं। चित्रकोट, तीरथगढ़, कुटुमसर, बस्तर दशहरा और आदिवासी संस्कृति को देखने देश-दुनिया से पर्यटक पहुंच रहे हैं। ऐसे में जगदलपुर को बस्तर के प्रवेश द्वार के रूप में ऐसा स्वरूप देना जरूरी है, जो पर्यटकों को पहली नजर में आकर्षित करे।

मुख्य वन संरक्षक स्टाइलो मंडावी ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के करीब 3 हजार रनिंग मीटर के मीडियन में भौगोलिक अनुकूलता के अनुसार टेकोमा, बोगनवेलिया और कनेर जैसे पौधे लगाए जा रहे हैं। ये पौधे शहर के प्रवेश द्वार को दर्शनीय बनाने के साथ सड़क सुरक्षा के लिए ग्रीन बेल्ट का काम करेंगे।

उन्होंने बताया कि सिटी फॉरेस्ट योजना के तहत कचनार, मौलश्री और तबुबिया रोसिया के पौधे पहले ही लगाए जा चुके हैं। किसान वृक्ष मित्र योजना और शासकीय वन भूमि को मिलाकर अब तक करीब 38 हजार पौधों का रोपण किया जा चुका है।

Related Articles

Back to top button
You Cannot able to copy the content! All Reserved Rights of Bastar Dagar