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इंदौर में IDA के रेट कार्ड पर बवाल: राहुल गांधी के 4 दिन के मैदान का 14 लाख तो पटाखा बाजार से 40 दिन का कितना?

इंदौर, 4 अक्टूबर। इंदौर के रीजनल पार्क मैदान में लगने वाले थोक पटाखा बाजार को लेकर इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) के शुल्क पर विवाद खड़ा हो गया है। सवाल उठ रहे हैं कि जिस मैदान के लिए राहुल गांधी के चार दिन के कार्यक्रम से करीब 14 लाख रुपये किराया और GST लिया गया, उसी मैदान को करीब 40 दिन के लिए पटाखा बाजार लगाने पर कितना किराया लिया जाएगा।

रीजनल पार्क के सामने मैदान में 41 अस्थायी पटाखा दुकानें तैयार की जा रही हैं। यहां दुकानों के अलावा जेनरेटर रूम, लाइट टावर और पार्किंग की व्यवस्था भी की जा रही है। हालांकि, दुकानें बनना शुरू होने के बावजूद IDA ने अभी तक पटाखा बाजार का अंतिम किराया तय नहीं किया है और न ही डिमांड नोट जारी किया है।

व्यापारियों से लिए जा रहे एक-एक लाख रुपये

पटाखा व्यापारी एसोसिएशन ने दुकान लगाने वाले व्यापारियों से फिलहाल एक-एक लाख रुपये जमा कराए हैं। बताया जा रहा है कि इस राशि में मैदान का किराया, दुकान निर्माण, बिजली, सुरक्षा और अन्य खर्च शामिल हैं।

व्यापारियों के मुताबिक, पिछले साल IDA को पटाखा बाजार के लिए करीब 5 लाख रुपये से कम शुल्क दिया गया था। इस साल यह राशि करीब 7 लाख रुपये तक पहुंचने की चर्चा है। हालांकि अंतिम राशि अभी तय नहीं हुई है।

पिछले साल के हिसाब पर भी उठे सवाल

सूत्रों के अनुसार, IDA के अधिकारियों पर पिछले साल कम शुल्क लेने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। व्यापारियों से कहा गया है कि यदि पुराने शुल्क को लेकर विवाद बढ़ा तो पिछले साल की राशि की भरपाई भी इस साल किए जाने की मांग हो सकती है।

व्यापारियों का कहना है कि पिछले साल IDA ने जितनी राशि बताई थी, उन्होंने उतनी जमा कर दी थी। ऐसे में अब अतिरिक्त राशि की मांग को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

इसी बीच कुछ व्यापारियों ने पटाखा व्यापारी एसोसिएशन के हिसाब-किताब पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पिछले साल अधिकारियों को पटाखे और गिफ्ट के नाम पर करीब 20 लाख रुपये खर्च दिखाए गए थे, लेकिन पूरा हिसाब सार्वजनिक नहीं किया गया।

एसोसिएशन अध्यक्ष बोले- IDA से राशि तय होना बाकी

इंदौर होलसेल फायर वर्क्स एसोसिएशन के अध्यक्ष शंकर होतचंदानी ने बताया कि इस साल मैदान का किराया अभी जमा नहीं हुआ है। IDA के CEO के बाहर होने के कारण राशि तय नहीं हो सकी थी। देरी के चलते दुकान निर्माण का काम शुरू कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यापारी से एक लाख रुपये लिए गए हैं, हालांकि सभी व्यापारियों ने अभी राशि जमा नहीं की है। उनके अनुसार हर साल दुकानें हटने के बाद WhatsApp ग्रुप में खर्च का हिसाब साझा किया जाता है।

कांग्रेस ने मांगा पूरा रिकॉर्ड

शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि कांग्रेस ने सामाजिक और गैर-व्यावसायिक कार्यक्रम के लिए तीन-चार दिन के मैदान का करीब 14 लाख रुपये किराया दिया था। ऐसे में व्यावसायिक गतिविधि के लिए भी शुल्क का पूरा रिकॉर्ड सामने आना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पिछले साल और इस साल के किराए का पूरा आंकड़ा सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं अधिकारियों की लापरवाही या भ्रष्टाचार के कारण शासन को राजस्व का नुकसान तो नहीं हुआ।

IDA CEO परीक्षित झाड़े ने कहा कि हर साल शुल्क लेने के बाद ही मैदान पटाखा दुकानों के लिए दिया जाता है और इस साल भी शुल्क लिया जा रहा है। हालांकि उन्हें उस समय शुल्क की सटीक राशि याद नहीं थी।

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